लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में शादी के बहाने महिला सिपाही का सम्मान लूटने वाले सिपाही की परेशानी बढ़ गई है। पूर्व में दर्ज दुष्कर्म के मामले में कोतवाली पुलिस ने आरक्षक व अन्य आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी किया है। अब आरोपी की गिरफ्तारी की तैयारी शुरू कर दी गई है।
जिले में तैनात एक महिला आरक्षक की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने पूर्व में प्राथमिकी दर्ज की थी। जिसमें कांस्टेबल मोहित खोखर, उनके परिवार के सदस्य अरुण, देवराज और कार्लोस नामांकित थे। महिला कांस्टेबल ने आरोप लगाया था कि वह 2019 में पूरनपुर कोतवाली में तैनात थी।
उस समय मोहित खोखर भी कोतवाली पूरनपुर में तैनात थे। उसने पीडि़ता को प्रेम जाल में फंसाया और कई मौकों पर शारीरिक संबंध बनाए। 13 अप्रैल 2022 को आरोपी आरक्षक एक माह के चिकित्सा अवकाश पर चला गया था। फोन भी स्विच ऑफ कर दिया। इसके बाद आरोपी आरक्षक ने महिला को धोखा देकर दूसरी महिला से शादी करने की तैयारी कर ली।
कोर्ट ने रेप के आरोपी कांस्टेबल मोहित खोखर के परिवार के सदस्यों अरुण, देवराज और कार्लोश के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है।
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